Shodh Ganga: डॉ. एम.डी. असलम परवेज ने शोध गंगा पर पीएचडी थीसिस अपलोडिंग की तकनीकी व प्रायोगिक प्रक्रिया पर दी जानकारी।
- हाइलाइट: Shodh Ganga
- मनोविज्ञान पीजी विज्ञान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पी.जी. विभाग, मनोविज्ञान द्वारा मंगलवार को “टेक्निकल एंड प्रोसीडीयूरल एस्पेक्ट्स ऑफ अपलोडिंग पीएचडी थीसिस आॕन शोध गंगा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रोफेसर लतिका वर्मा द्वारा की गई l
उनहोने बताया शोधगंगा पर अपलोडिंग प्रक्रिया शोध के पारदर्शी, सुलभ और विश्वसनीय प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य वक्ता डॉ. एम.डी. असलम परवेज (वरिष्ठ सहायक प्रो. अंग्रेजी विभाग, जगजीवन कॉलेज, आरा) थे।
व्याख्यान के दौरान डॉ. परवेज़ ने शोधार्थी एवं संकाय सदस्यों को शोध गंगा पर थीसिस अपलोड करने की सम्पूर्ण तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराया।
उन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा निर्धारित मानकों, थीसिस फ़ॉर्मेटिंग, प्लेज़रिज़्म रिपोर्ट संलग्न करने की अनिवार्यता तथा ई-थीसिस सबमिशन पोर्टल की विभिन्न चरणबद्ध प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया।
उन्होंने बताया कि शोध गंगा देशभर के शोध साहित्य का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय भंडार है, जहाँ शोधार्थियों की थीसिस न केवल संरक्षित होती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सुलभ भी होती है। उन्होंने अपलोडिंग प्रणाली में आने वाली सामान्य त्रुटियों और उनसे बचने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।
संचालन डाॅ. प्रियंका पाठक ने किया जिन्होंने कहा कि यह व्याख्यान शोध छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शोधार्थियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. यशवंत कुमार और कुमारी प्रितिका ने दिया।


