UPSC Result 2026: बिहार के आरा (भोजपुर) की रहने वाली आकांक्षा सिंह, जो दिवंगत रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं, ने 301वीं रैंक लाने का दावा किया था।
- हाइलाइट: UPSC Result 2026
- यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा:
- 301वीं रैंक पर दावे का सच आया सामने
- आयोग ने स्पष्ट किया आधिकारिक परिणाम
UPSC Result 2026: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों के अंतर्गत 301वीं रैंक को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर दी है। आयोग द्वारा सोमवार को जारी एक औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह पुष्टि की गई है कि 301वीं रैंक प्राप्त करने वाली वास्तविक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अभयपुर गांव की निवासी आकांक्षा सिंह हैं। इसके साथ ही आयोग ने बिहार के भोजपुर जिले की निवासी आकांक्षा सिंह के उन दावों को पूरी तरह से निराधार और फर्जी करार दिया है, जिसमें उन्होंने स्वयं को इस रैंक का हकदार बताया था।
विवाद की पृष्ठभूमि में बिहार के आरा (भोजपुर) की रहने वाली आकांक्षा सिंह, जो दिवंगत रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं, ने 301वीं रैंक लाने का दावा किया था। इस दावे के बाद स्थानीय मीडिया और सामाजिक हलकों में उन्हें काफी सराहना मिली थी। हालांकि, स्थिति तब जटिल हो गई जब गाजीपुर की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने भी इसी रैंक पर अपने चयन की जानकारी साझा की। गाजीपुर की आकांक्षा सिंह वर्तमान में पटना के एम्स (AIIMS) में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने अपनी सफलता के प्रमाण प्रस्तुत किए थे।
दोनों पक्षों के दावों के बीच तकनीकी जांच ने सच्चाई की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत दिए। जब मीडिया के समक्ष दोनों पक्षों द्वारा एडमिट कार्ड प्रस्तुत किए गए, तो उनमें स्पष्ट अंतर देखा गया। आरा निवासी आकांक्षा सिंह ने प्रारंभिक परीक्षा का एडमिट कार्ड दिखाया था, जबकि गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने साक्षात्कार (इंटरव्यू) का समन साझा किया था। एडमिट कार्ड पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करने पर पाया गया कि गाजीपुर की आकांक्षा सिंह का रोल नंबर आधिकारिक रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खा रहा था, जबकि आरा निवासी आकांक्षा के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर रोल नंबर बदल जा रहा था। इस खुलासे के बाद से ही बिहार वाली आकांक्षा के दावे पर सवाल उठने शुरू हो गए थे।
किसी भी प्रकार के भ्रम की गुंजाइश को समाप्त करने के लिए आयोग ने सफल अभ्यर्थी के व्यक्तिगत विवरण सार्वजनिक किए हैं। यूपीएससी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थी आकांक्षा सिंह के पिता का नाम रणजीत सिंह और माता का नाम नीलम सिंह है। इसके विपरीत, गलत दावा करने वाली आरा की आकांक्षा के पिता का नाम इंदू भूषण सिंह और माता का नाम रिंकू सिंह है।
उल्लेखनीय है कि विवाद चरम पर होने के दौरान भी आरा निवासी अभ्यर्थी अपने दावे पर अडिग थीं और उन्होंने यहां तक कहा था कि आयोग के सीसीटीवी फुटेज से उनके साक्षात्कार की पुष्टि की जा सकती है। दूसरी ओर, गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने तकनीकी साक्ष्यों को ही सच्चाई का आधार बताया था। अब यूपीएससी के इस स्पष्ट और आधिकारिक बयान के बाद इस पूरे प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है।


