Vidya Bhawan Ara: भोजपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा भूमि अधिग्रहण एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु विशेष पहल
- हाइलाइट: Vidya Bhawan Ara
- भूमि अधिग्रहण कानून की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई
- 14 मार्च 2026 को आयोजित होगी राष्ट्रीय लोक अदालत
आरा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, व्यवहार न्यायालय भोजपुर के तत्वावधान में आरा के विद्या भवन सभागार में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के दिशा-निर्देशानुसार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु भूमि अधिग्रहण से संबंधित कानूनी ढांचा और उसके विभिन्न तकनीकी पहलू रहे।
कार्यशाला में उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं और पारा विधिक स्वयंसेवकों को भूमि अधिग्रहण कानून की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैनल अधिवक्ता भू-स्वामियों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रभावी ढंग से जागरूक कर सकें। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि संबंधित भू-स्वामियों को उनकी भूमि का उचित और न्यायसंगत मुआवजा प्राप्त हो सके। साथ ही, यदि कोई भू-स्वामी मुआवजे की राशि से असंतुष्ट है, तो उसे उचित कानूनी मंच या प्राधिकार का चयन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराने और वाद प्रस्तुत करने के लिए सही मार्गदर्शन दिया जा सके।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार, मैनेजर अभय भूषण, स्टैंडिंग काउंसिल डॉ. मौर्य विजय चंद्र सहित बड़ी संख्या में पैनल अधिवक्ता और पारा विधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
वहीं, आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने हेतु व्यवहार न्यायालय आरा में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमंत्रित किया गया था। बैठक के दौरान अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि न्यायालय द्वारा निर्गत किए गए नोटिसों का तामिला ससमय सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोक अदालत के दिन अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो सके। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, सचिव, जिला विधिक सेवा पर प्राधिकार, अभियोजन पदाधिकारी एंव मानिक कुमार सिंह उपस्थित थे।


