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ऑनलाइन वेबिनार में “संगीत में शास्त्र की सार्थकता” विषय पर संगीताचार्यों ने दिया व्याख्यान

शहर के एचडी जैन कॉलेज के प्रदर्श कला विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार

jay kumar

आरा शहर के एचडी जैन कॉलेज के प्रदर्श कला विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में “संगीत में शास्त्र की सार्थकता” विषय पर देश के जाने माने संगीताचार्यों ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। नई दिल्ली के विश्वविख्यात संगीतशास्त्री पंडित विजय शंकर मिश्र ने कहा संगीत विद्या से पहले कला है। संगीत में पहले रचना होती है, फिर उसका शास्त्र बनता हैं।

अमृतसर के गुरुनानक देव विश्वविद्यालय के सहायक प्रो. डॉ. गाविस ने कहा कि सच्चा कलाकार बनने के लिए शास्त्र का अध्ययन आवश्यक हैं। तान आलाप बंदिशों की प्रस्तुतिकरण को शास्त्र ही बताता हैं। दरभंगा की संगीत एवं नाट्य विभाग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) लावण्या कीर्ति सिंह काव्या ने कहा कि संगीत का प्रायोगिक पक्ष का महत्व लिपिबद्ध होने से बढ़ जाता है। संगीतशास्त्र का आधार ग्रंथ भरत का नाट्य शास्त्र है। गायन वादन व नृत्य के गहन अध्ययन के लिए शास्त्र अनिवार्य है।

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वाराणसी की काशी विद्यापीठ की सीनियर लेक्चरर डॉ. आकांक्षी वर्मा ने राग भैरव में सुरों के प्रयोग एवं परिवर्तन को दर्शाते हुऐ शास्त्रसम्मत कई महत्वपूर्ण तत्वों से अवगत करवाया। जम्मू की गवर्मेंट वीमेन कॉलेज की प्रो. (डॉ.) जसमीत कौर ने कहा कि कला में निखार विद्या से होता है। विद्या कों पाने के लिए शास्त्र का अध्ययन आवश्यक है। शास्त्र ही रागों के आधार तत्व को परिलक्षित करता है।

वेबिनार के दूसरे सत्र में बिहार की चर्चित संगीताचार्या विदुषी बिमला देवी ने राग दरबारी में एक ताल की बंदिश “हर हर महादेव नमः पार्वती पतये” कोलकाता की संगीत विदुषी शिल्पी पाल ने ठुमरी “मोरा सैयां बुलाए आधी रात नदियां बैरी भई” छपरा के प्रसिद्ध तबला वादक पंडित सुधाकर कश्यप ने बनारस घराने का तबला वादन एवं प्रदर्श कला विभाग से तबला के आचार्य चंदन कुमार ठाकुर ने दिल्ली व फर्रुखाबाद घराना का तबला वादन प्रस्तुत कर शास्त्रसम्मत प्रायोगिक पक्ष की प्रस्तुति की।

प्रधानाचार्य डॉ. शैलेंद्र कुमार ओझा ने कहा कि इस आपात स्थिति में भी महाविद्यालय ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से छात्र छात्राओ कों प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रहा हैं।। प्रदर्श कला विभाग की समन्वयक डॉ. स्मिता जैन ने कहा कि ऑनलाइन वेबिनार की शृंखला में आगे कई विद्वानों द्वारा महाविद्यालय के प्रशिक्षुओं को संगीतशास्त्र से अवगत करवाया जाएगा। संचालन व धन्यवाद ज्ञापन वेबिनार के संयोजक बक्शी विकास ने किया।

Bijay singh
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KRISHNA KUMAR
KRISHNA KUMAR
बिहार के निवासी डॉ. कृष्ण कुमार एक भारतीय पत्रकार है। हिंदी दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा, नव संदेश, न्यूज वेबसाईट खबरें आपकी के संपादक, ट्रस्टी, मां आरण्य देवी मंदिर विकास ट्रस्ट तथा सचिव, सनातनी गंगा फाउंडेशन, भोजपुर, आरा।

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