Weather Changed: भोजपुर में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, परंतु इसी बीच मौसम ने भी अपनी करवट बदली है, जिससे चुनावी प्रचार में जुटे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गति पर अंकुश लग गया।
- हाइलाइट:
- मौसम ने बदली करवट, चुनावी जोश पर पड़ी ठंडक
Weather Changed: भोजपुर में चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं, परंतु इसी बीच मौसम ने भी अपनी करवट बदली है, जिससे राजनीतिक जनसंपर्क और जनजीवन दोनों प्रभावित हुए हैं। बुधवार को शाहपुर के झौवां में यूपी के सीएम योगी जी के कार्यक्रम के उपरांत आकाश में घने बादल छाए रहे, हल्की फुहारे रुक-रुक कर अति रही और सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए। सायंकाल होते-होते रिमझिम फुहारों ने पूरे क्षेत्र को आच्छादित कर दिया, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई।
गुरुवार को इस वर्षा ने जहां एक ओर मौसम को सुहाना बनाया, वहीं दूसरी ओर इसने आम जनजीवन और चुनावी गतिविधियों पर गहरा प्रभाव डाला। वर्षा के कारण शाहपुर नगर की सड़कें कीचड़ से सन गईं, कीचड़ और जलजमाव से पैदल आवागमन भी बाधित हुआ। गलियों में चलना-फिरना अत्यंत दुष्कर हो गया। फुटपाथों पर अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे दुकानदारों की आय पर इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ा। बारिश शुरू होते ही उन्हें अपने सामान को बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी, और ग्राहकों की अनुपस्थिति के कारण बिक्री लगभग ठप हो गई।
दूसरी ओर, इस बारिश ने चुनावी प्रचार में जुटे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गति पर अंकुश लगा दिया। राजद और भाजपा जैसे प्रमुख दलों के जनसंपर्क अभियान, जो विभिन्न क्षेत्रों में निर्धारित थे, भीगते रास्तों और कीचड़ भरी गलियों के कारण प्रभावित हुए। हालांकि, कुछ उत्साही समर्थक, लालू डेरा में जनशक्ति जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव के आगमन की प्रतीक्षा करते रहे, छाता और रेनकोट धारण कर सड़कों पर डटे रहे।
मौसम की यह ठंडक चुनावी जोश के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरी है। चुनावी सरगर्मी के बीच बदले मौसम की चर्चा नेताओं और कार्यकर्ताओं और आम मतदाताओं के बीच खूब है। नेताओं को अब इस बदले हुए मौसम के अनुरूप अपनी रणनीतियों में संशोधन करना होगा।


