- Holi of Shahpur: त्योहार के दिन जब लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाने और शुभकामनाएं देने के लिए घरों से बाहर निकले, तो उन्हें सड़कों पर बिखरी गंदगी और बजबजाती नालियों का सामना करना पड़ा।
हाइलाइट: Holi of Shahpur - तीन दिनों तक ठप रही सफाई व्यवस्था से त्योहार की चमक पड़ी फीकी
- नगर के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक कचरे का साम्राज्य स्थापित रहा
आरा। रंगों और उमंग के त्योहार होली पर जहां पूरा क्षेत्र हर्षोल्लास में डूबा था, वहीं शाहपुर नगर पंचायत के निवासियों के लिए यह अनुभव काफी निराशाजनक रहा। नगर पंचायत की लचर कार्यप्रणाली के कारण इस बार होली का त्योहार गंदगी के अंबार के बीच बीता। विडंबना यह रही कि त्योहार के महत्वपूर्ण समय पर लगातार तीन दिनों तक सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही, जिससे नगर के मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक कचरे का साम्राज्य स्थापित रहा।
प्रशासनिक उदासीनता का आलम यह रहा कि त्योहार के दौरान निकलने वाले अतिरिक्त कचरे के प्रबंधन के लिए कोई पूर्व योजना नहीं बनाई गई थी। सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति और कचरा उठान के वाहनों के न चलने से नगर के विभिन्न वार्डों में कूड़े के ढेर लग गए। त्योहार के दिन जब लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाने और शुभकामनाएं देने के लिए घरों से बाहर निकले, तो उन्हें सड़कों पर बिखरी गंदगी और बजबजाती नालियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि होली जैसे बड़े त्योहार पर सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। गंदगी के कारण उठने वाली दुर्गंध ने, विशेष रूप से NH-84 मुख्य बाजार और रिहायशी इलाकों के चौराहों पर कूड़े के ऊंचे ढेर नगर प्रशासन के स्वच्छता के दावों की पोल खोलते नजर आए। हर माह लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर ऐसी स्थिति का होना चिंताजनक है।


