Neelam Gupta: भरत तिवारी का एकमात्र अपराध यह था कि उन्होंने सोए हुए समाज को जगाने और सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश की थी- नीलम गुप्ता
- हाइलाइट: Neelam Gupta
- न्याय की मांग और व्यवस्था पर सवाल:
- पूर्व दस्यु सुंदरी नीलम गुप्ता ने कहा :
- भरत तिवारी का अंत सिस्टम की विफलता
खबरे आपकी: सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से पूर्व दस्यु सुंदरी नीलम गुप्ता ने भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए नीलम गुप्ता ने न केवल व्यवस्था की खामियों पर प्रहार किया, बल्कि एक संवेदनशील मां और जागरूक नागरिक के तौर पर न्याय की गुहार भी लगाई है।
Neelam Gupta: सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को भरत तिवारी ने किया उजागर
नीलम गुप्ता ने वीडियो में स्पष्ट किया कि भरत तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसे जागरूक व्यक्ति थे जो समाज की कुरीतियों और व्यवस्था की भ्रष्ट कार्यप्रणाली को जनता के सामने लाने का साहस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का एकमात्र अपराध यह था कि उन्होंने सोए हुए समाज को जगाने और सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की कोशिश की थी। नीलम गुप्ता के अनुसार, व्यवस्था में बैठे भ्रष्ट तत्वों ने हमेशा उन ईमानदार लोगों का रास्ता रोकने की कोशिश की है जो बदलाव की बात करते हैं, चाहे उनका तबादला करके या उन्हें प्रताड़ित करके।
नीलम बोली: उनका एनकाउंटर नहीं हुआ, यह उनका सौभाग्य था
अपने अतीत का जिक्र करते हुए नीलम गुप्ता भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि जिस भयभीत जिंदगी और कठिन परिस्थितियों से वह स्वयं गुजरी हैं, उसे ईश्वर या उनकी आत्मा ही जानती है। उन्होंने कहा कि उनका एनकाउंटर नहीं हुआ, यह उनका सौभाग्य था, लेकिन आज जो कुछ भरत तिवारी के साथ हुआ, उसने उनके पुराने घावों को फिर से ताजा कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनकाउंटर कानून की अंतिम प्रक्रिया होनी चाहिए, लेकिन किसी ऐसे व्यक्ति के साथ जो अपराधी ही न हो, यह कदम उठाना पूरी तरह से अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
नीलम गुप्ता ने इस मामले में समाज की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी समाज के लिए, जनता के अधिकारों के लिए, सरकार और नेता द्वारा किए गए वादों को पूरा कराने के लिए लड़ रहे थे। उनके अनुसार, भरत तिवारी का अंत सिस्टम की विफलता नहीं, बल्कि समाज की उदासीनता का परिणाम है।
भरत तिवारी की परिस्थितियों से वह स्वयं गुजरी हैं- नीलम
उन्होंने कहा देखिए, मैं एक औरत हूँ, और मैं भी एक माँ हूँ, बच्चे का दुःख क्या होता है, उस माँ के आँसुओं से पूछिए, उसके दिल से पूछिए, उसके बूढ़े बाप से पूछिए, और उनके परिवार से पूछिए। भरत तिवारी के परिवार के दुख को अपना बताते हुए यह संदेश दिया कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
पूर्व दस्यु सुंदरी नीलम गुप्ता ने राज्य के माननीय मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है, तभी भरत तिवारी की आत्मा को शांति मिलेगी। उन्होंने आम जनता से भी आह्वान किया है कि वे इस आवाज को बुलंद करें और वीडियो को साझा करें ताकि यह संदेश सरकार तक पहुँच सके।

