DGP Vinay Kumar: बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पटना में स्पष्ट किया कि कानून अपना काम कर रहा है।
- हाइलाइट: DGP Vinay Kumar
- भोजपुर के बिलौटी कथित एनकाउंटर मामले में एसटीएफ जवान गिरफ्तार
- डीजीपी बोले: कानूनी कार्रवाई जारी, न्यायिक जांच भी चल रही है
पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी गांव में घटित कथित एनकाउंटर मामले ने अब एक गंभीर कानूनी मोड़ ले लिया है। घटना के करीब डेढ़ महीने बाद, बिहार पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवान अक्षय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जवान को तकनीकी अनुसंधान और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने धर दबोचा।
यह पूरा मामला 17 जुलाई 2026 को हुई भरत तिवारी की मौत से जुड़ा है। घटना के तुरंत बाद से ही एनकाउंटर की सत्यता पर बड़े सवाल खड़े किए गए थे। मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था और उसके हाथ ऊपर थे, इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुए, जिसके बाद इस कथित एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच के लिए जनमानस और विभिन्न संगठनों की ओर से भारी दबाव बनाया गया था।
जांच के दौरान एकत्रित किए गए तथ्यों से संकेत मिलता है कि एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने ही सरेंडर कर चुके भरत तिवारी पर पहली गोली चलाई थी। इसी साक्ष्य को आधार बनाते हुए पुलिस ने अक्षय कुमार के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की और गिरफ्तारी को अंजाम दिया।
DGP Vinay Kumar : पुलिस जांच के साथ-साथ इस मामले में न्यायिक जांच भी
इस घटनाक्रम पर शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पटना में स्पष्ट किया कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर ही यह गिरफ्तारी की गई है। डीजीपी ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस जांच के साथ-साथ इस मामले में न्यायिक जांच भी समानांतर रूप से चल रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले के हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है और निष्पक्ष जांच के जरिए सत्यता को सामने लाया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस की टीमें इस मामले से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ने के प्रयास में जुटी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि साक्ष्यों के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कई अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की संभावना है।















