Civil Court Ara – ADJ-8: सिविल कोर्ट आरा के एडीजे आठ द्वारा सोमवार को हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
- हाइलाइट: Civil Court Ara – ADJ-8
- न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों पर पांच हजार का आर्थिक दंड भी लगाया
आरा। सिविल कोर्ट आरा के एडीजे आठ द्वारा सोमवार को हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त सिकरहटा थाना क्षेत्र के लबना गांव निवासी रितेश कुमार पिता रामाकांत राय तथा अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के डोमन डिहरा गांव निवासी विजय पांडेय पिता पारसनाथ पांडेय को अदालत ने ताउम्र सश्रम कारावास की सजा सुनाइ। इसके साथ ही दोनों पर पांच हजार रूपए का आर्थिक दंड भी लगाया। अर्थ दंड न देने के स्थिति में 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।
आरा की एडीजे आठ नीरज कुमार की अदालत ने सिकरहटा थाना कांड संख्या 12/17 में चले सेशन ट्रायल (पृथक वाद) 2/19 में उक्त फैसला दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाई। इससे पहले इसी कांड में अन्य दोषियों को सेशन ट्रायल 243/17 में सजा सुनाई जा चुकी है।
अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले का संचालन जिला अभियोजन पदाधिकारी (मुख्य अभियोजक) माणिक कुमार सिंह ने किया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी सूचक, अन्य प्रत्यक्षदर्शी, जांच अधिकारी और चिकित्सक समेत कुल नौ गवाह अदालत में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के बीच लंबी जिरह के बाद आज अदालत ने यह फैसला सुनाया।
बता दें कि 14 मार्च 2017 को सिकरहटा थाना क्षेत्र के लबना गांव में गीता देवी और उसके बेटे आशुतोष उर्फ हलचल राय की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गीता देवी की बहन शकुंतला देवी ने 12 लोगों के विरुद्व नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
दर्ज एफआईआर में शकुंतला देवी द्वारा बताया कि वह 13 मार्च 2017 को होली के त्योहार को लेकर बहन के यहां आई थी। उसके अगले दिन उकसावे की कार्रवाई करते हुए नामजद लोगों ने विभिन्न हथियारों से हमला कर दिया। घटना में गीता देवी की अतड़ियां बाहर निकल आईं थी। पुलिस ने यह मामला उसी दिन अंकित कर जांच शुरू कर दिया था।

