- हाइलाइट: Disneyland Jagdishpur
- डिज़्नीलैंड मेले में झूला टूटने से मृत किशोरी के पिता ने दर्ज कराई प्राथमिकी
जगदीशपुर,आरा। भोजपुर के जगदीशपुर नगर में शनिवार की रात डिजनीलैंड मेला का झूला टूटने से किशोरी की मौत के मामले में डॉक्टर, एम्बुलेंस चालक और मेला मलिक पर केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में नगर के नट टोली के निवासी व मृत किशोरी नयना के पिता मंटू नट के बयान पर रेफरल अस्पताल जगदीशपुर में शनिवार की रात्रि ऑन ड्यूटी चिकित्सक, एम्बुलेंस चालक और मेला मलिक पर लापरवाही का आरोप बरतने का केस दर्ज करते हुए छानबीन में जुट गई है।
बता दें कि शनिवार की रात मेला का झूला टूटने से मंटू नट की 12 वर्षीया पुत्री नयना कुमारी बुरी तरह जख्मी हो गई। इलाज के लिए उसे जगदीशपुर रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस हादसे में एक महिला और एक बच्ची जख्मी भी हो गई थी। अस्पताल में मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली, उनमें आक्रोश फूट पड़ा। अस्पताल में परिजन एवं अन्य लोग बवाल काटने लगे।
करीब तीन घंटे से ज्यादा समय तक परिजन एवं अन्य लोग मेला मलिक, डॉक्टर, एंबुलेंस संचालक सहित अन्य पर कार्रवाई करने और मुआवजा की मांग को लेकर शव के साथ डटे रहे। एसडीएम के हस्तक्षेप से पुलिस ने जब बीडीओ की उपस्थिति में चिकित्सक, एम्बुलेंस संचालक और मेला मलिक पर केस करने का आवेदन लिया, तब जाकर करीब रात्रि 11:45 बजे अस्पताल से शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। इस दौरान अस्पताल में हंगामा एवं अफरातफरी की स्थिति रही।
Disneyland Jagdishpur – जगदीशपुर एसडीएम ने मेला मालिक पर कार्रवाई के दिया आदेश
जगदीशपुर में डिजनीलैंड मेला का संचालन बगैर प्रशासनिक अनुमति के हो रहा था। किशोरी की मौत के बाद प्रशासन की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है। नगर के कार्यपालक पदाधिकारी और एसडीएम की ओर से बताया गया कि इन दोनों कार्यालयों में से कहीं से मेला संचालन की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इस बाबत एसडीएम ने बताया कि इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशानिक अधिकारियों को मेला मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
किशोरी के परिजन कर रहे मुआवजे की मांग
मृत किशोरी नयना के पिता मंटू नट मजदूरी का कार्य करते हैं। 12 वर्षीया किशोरी की मौत से मोहल्ले में शोक है। इसे लेकर परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वह काफी गरीब हैं। मृत किशोरी दो बहन एवं एक भाई थी, जिनमें सबसे बड़ा भाई 18 वर्षीय प्रिंस कुमार और बहन 17 वर्षीय प्रिया है। मंटू नट गांव में ही किसी तरह मजदूरी का काम करते हैं, जबकि मां गृहिणी है। परिजनों के गरीब रहने के कारण इन लोगों के समक्ष अभी विकट स्थिति हो गई है। कई समाजसेवियों ने भी प्रशासन और सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।


