Jagdishpur: भाई दिनेश के अनुसार, परिमार्जन, दाखिल खारिज, आवास योजना, जन्म, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के नाम पर खुलेआम लूट मची हुई है।
- हाइलाइट: Jagdishpur
- कहा : ब्लॉक तथा अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार का हो रह नंगा नाच
- एसडीएम को यह सब कभी दिखाई या सुनाई क्यों नहीं देता?
Jagdishpur आरा: जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) जगदीशपुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जगदीशपुर एसडीएम की नाक के नीचे और आँखों के सामने ब्लॉक तथा अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार का नंगा नाच हो रहा है, परंतु उन्हें न यह दिखाई पड़ रहा है और न ही इसकी आवाज सुनाई दे रही है।
प्रखंड और अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार का बोलबाला: भाई दिनेश के अनुसार, परिमार्जन, दाखिल खारिज, आवास योजना, जन्म, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के नाम पर खुलेआम लूट मची हुई है। इन प्रक्रियाओं में नागरिकों से अवैध वसूली की जा रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि एसडीएम को यह सब कभी दिखाई या सुनाई क्यों नहीं देता?
प्रशासनिक निष्क्रियता से बढ़ते भूमि विवाद: जहां एक ओर प्रशासन का दायित्व भूमि विवादों का निपटारा करना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है, वहीं जगदीशपुर में भूमि विवाद घटने के बजाय लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह स्थिति स्थानीय भूमि राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
Jagdishpur: लाखों की लागत से निर्मित सार्वजनिक स्थलों की दुर्दशा
- एसडीएम कार्यालय के सामने पार्क: लाखों रुपए की लागत से निर्मित यह पार्क आज अपना अस्तित्व खो रहा है। रखरखाव के अभाव में इसकी हालत दयनीय हो चुकी है।
- सीडीपीओ आवास के सामने पार्क: इसी प्रकार, सीडीपीओ आवास के सामने बना लाखों का पार्क भी नरकीय स्थिति में पहुंच गया है। इन दोनों ही मामलों में रखरखाव और ध्यान की कमी स्पष्ट दिखती है, जिसे प्रशासन द्वारा अनदेखा किया जा रहा है।
- बाबू वीर कुंवर सिंह का किला मैदान: राष्ट्र के धरोहर और गौरव बाबू वीर कुंवर सिंह का किला मैदान, जो ऐतिहासिक महत्व रखता है, सफाई, शौचालय, मूत्रालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के अभाव में दयनीय स्थिति में है। यह राष्ट्रीय धरोहर की उपेक्षा का स्पष्ट उदाहरण है। भाई दिनेश ने पूछा है कि क्या एसडीएम को इन सार्वजनिक संपत्तियों की दुर्दशा भी दिखाई नहीं पड़ती?
यातायात व्यवस्था का चरमराना: नया टोला मोड़ से ब्लॉक तक सड़क पर अक्सर भारी जाम की स्थिति रहती है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। यह यातायात प्रबंधन की विफलता का परिचायक है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
रजिस्ट्री कार्यालय और अनाज भंडारण में अनियमितताएं:
- रजिस्ट्री कार्यालय: रजिस्ट्री कार्यालय में फोटो और सरिस्ता के नाम पर खुलेआम पैसे की वसूली की शिकायतें आम हैं। पूर्व विधायक ने सवाल किया है कि इस कार्यालय की आज तक जांच क्यों नहीं की गई है।
- अनाज भंडारण: अनुमंडल, ब्लॉक और अंचल परिसर में स्थित अनाज भंडारों में प्रति बैग अनाज कम दिए जाने की शिकायतें आती रहती हैं। आश्चर्य है कि इन अनियमितताओं की कभी जांच क्यों नहीं की जाती।
शराबबंदी की विफलता और प्रशासनिक अनदेखी: राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद, मध निषेध थाना शराब माफियाओं पर नकेल कसने में विफल दिख रहा है। भाई दिनेश ने सवाल किया है कि शराबियों के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया कि उन्होंने शराब कहां से खरीदी, और बेचने वालों को क्यों नहीं पकड़ा गया? क्या इस विषय पर कोई जांच की गई है, और यदि नहीं, तो क्यों? उन्होंने पूछा क्या यह एसडीएम के क्षेत्राधिकार में नहीं आता?
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं का हाल: माननीय मुख्यमंत्री जी के हरिगाँव में कार्यक्रम के दौरान, हरिगाँव स्थित करोड़ों रुपए की लागत से बने अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र का एसडीएम द्वारा प्रतिदिन भ्रमण किया जाता था। उस समय मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए 24 घंटे डॉक्टर, नर्स, एम्बुलेंस और जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध थीं। परंतु, मुख्यमंत्री जी के जाने के बाद उस केंद्र की हालत क्या है, इसकी सुध लेने का फुर्सत एसडीएम को क्यों नहीं है? क्या मुख्यमंत्री के जाने के साथ ही सारी सुविधाएं भी चली गईं, या वे अभी भी उपलब्ध हैं? इस विषय पर एसडीएम द्वारा कभी कोई जांच क्यों नहीं की गई?
भ्रष्टाचार को संरक्षण या प्रोत्साहन?
पूर्व विधायक दिनेश ने इन सभी घटनाओं और प्रशासनिक निष्क्रियता को जोड़ते हुए एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूछा है कि क्या इन सभी स्थितियों को भ्रष्टाचार को संरक्षण या प्रोत्साहन देना नहीं कहा जा सकता? उनकी यह टिप्पणी स्थानीय प्रशासन और विशेष रूप से जगदीशपुर अनुमंडल पदाधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाती है। भाई दिनेश ने इन मुद्दों पर प्रशासन की उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘आंदोलन’ की चेतावनी दी है।


