Tuesday, February 10, 2026
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अधिवक्ता डॉ. हरि जी गुप्ता हत्याकांड में पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास

आरा सिविल कोर्ट के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधाकर पांडेय ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

Hari Ji Gupta murder case: आरा शहर के बहुचर्चित आभूषण व्यावसायी सह अधिवक्ता डॉ. हरि जी गुप्ता हत्याकांड में गुरुवार को आरा सिविल कोर्ट के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधाकर पांडेय ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

  • हाइलाइट्स: Hari Ji Gupta murder case
    • न्यायालय ने सभी अभियुक्तो पर आर्थिक दंड भी लगाया
    • द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सुधाकर पांडेय ने सुनाई सजा
    • टाउन थाना क्षेत्र में 2 नवंबर 2022 को घटी थी घटना

बिहार (भोजपुर) आरा शहर के बहुचर्चित आभूषण व्यावसायी सह अधिवक्ता डॉ. हरि जी गुप्ता हत्याकांड में गुरुवार को आरा सिविल कोर्ट के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधाकर पांडेय ने पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी अभियुक्त पर आर्थिक दंड भी लगाया। अपर लोक अभियोजक सिलेक्शन ग्रेड अभियोजन सेवा के पदाधिकारी माणिक कुमार सिंह ने बताया कि 2 नवम्बर 22 को अधिवक्ता डॉ. हरी जी गुप्ता की निर्मम तरीके से अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद 5 नवंबर 22 को पटना-बक्सर फोरलेन पर शाहपुर थाना क्षेत्र के रानीसागर गांव के समीप निर्माणाधीन पुलिया के समीप पानी भरे गड्ढे से उनका शव बरामद हुआ था।

घटना उस वक्त घटी थी जब वे आरा-पटना बाइपास रोड बलुवहिया स्थित मार्केट से किराया वसूलने के लिए गए थे। इस मामले में पांच लोगों पर अपहरण कर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एफएसएल टीम, डॉक्टर सहित 13 लोगों की गवाही हुई। जबकि बचाव पक्ष से दो लोगों ने गवाही दी। इस मामले में 7 जुलाई 2025 को द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश सुधाकर पांडेय के न्यायालय द्वारा पांच अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

इसी कड़ी में आज सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त अमर कुमार, रितेश महतो, रंजन यादव, राजू कुमार उर्फ राजू यादव एवं रंजन यादव उर्फ रंजन कुमार उर्फ बउवा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर लोक अभियोजक ने बताया कि हत्या के मामले में सभी कडियो को जोडते हुए पांचो अभियुक्तों को आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपए आर्थिक दंड, अपहरण कर हत्या के मामले में 10 साल कारावास तथा 20-20 हजार आर्थिक दंड एवं लाश को गायब कर साक्ष्य छिपाने के मामले में 5 साल कारावास तथा 10-10हजार का आर्थिक दंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।

Hari Ji Gupta murder case: शाहपुर थाना क्षेत्र के कन्हौली के पास पुल से पांच नवंबर 2022 को बोरे में मिला था शव

  • किराए के विवाद में अगवा करने के बाद की गई थी अधिवक्ता की हत्या, तीन दिन बाद मिला था शव
  • नगर थाना क्षेत्र के बाइपास रोड बलुवहिया स्थित मार्केट से दो नंबर को किया गया था अगवा

आरा शहर के नगर थाना क्षेत्र के महाजन टोली नंबर एक निवासी अधिवक्ता सह बड़े कारोबारी डॉ. हरि जी गुप्ता की करीब ढाई साल पूर्व किराए के विवाद में अगवा करने के बाद हत्या कर दी गई थी। 2 नवंबर 2022 की शाम नगर थाना क्षेत्र के बाइपास रोड के बलुवहिया स्थित मार्केट से अगवा व्यवसायी का शव तीन दिन बाद शाहपुर थाना क्षेत्र के कन्हौली के पास आरा-बक्सर फोरलेन पर एक पुल के नीचे से बरामद किया गया था। शव बोरे में बांधकर पत्थर के नीचे पानी में दबा दिया गया था।

Hari Ji Gupta murder case: 70 वर्षीय डॉ. हरी जी गुप्ता वकील के साथ ही एक बड़े कारोबारी थे। उनके बेटे उदय प्रकाश गुप्ता भी पटना के बड़े कारोबारी हैं। आरा और पटना में आभूषण की पांच दुकानें हैं। ऐसे में उनके अपहरण और बाद में हत्या की खबर से पूरे शहर में सनसनी मच गयी थी। उसे लेकर खूब बवाल भी मचा था। स्थिति को देखते हुए तब शाहाबाद रेंज डीआइजी रहे क्षत्रनील सिंह भी आरा पहुंचे थे।

बताया गया था कि दो नंबर की शाम अधिवक्ता डॉ. हरी जी गुप्ता किराया लेने के लिए बाइक से आरा-पटना बाइपास रोड स्थित बलुवहिया मार्केट गये थे। इसके बाद से लापता हो गए थे। खोजबीन के क्रम में तीन नंबर को मार्केट के पास से उनकी बाइक बरामद की गयी थी। उसे लेकर उनके बेटे उदय प्रकाश गुप्ता की ओर से टाउन थाना में तीन नवंबर को रौजा मोहल्ला निवासी अमर कुमार सहित पांच लोगों के खिलाफ अपने पिता का अपहरण के बाद हत्याकर शव को फेंके जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उसमें अमर पर किराये को लेकर हमेशा झगड़ा करने की बात कही गई थी।

कार की जीपीएस, मोबाइल लोकेशन और गमछा के जरिए व्यवसायी के शव तक पहुंची थी पुलिस

अधिवक्ता सह कारोबारी हरि जी गुप्ता के अपहरण के बाद पुलिस के समक्ष उनकी बरामदगी को लेकर बड़ी चुनौती थी। उसे लेकर तत्कालीन एसपी संजय कुमार सिंह द्वारा एएसपी रहे आइपीएस अधिकारी हिमांशु के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गयी थी। टीम तीन दिनों तक लगातार खोजबीन करती रह गई। उसी बीच अपराधियों द्वारा उनका कत्ल कर दिया गया था। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी के बावजूद उनको सकुशल बरामद नहीं किया जा सका था। हालांकि हत्या के बाद जीपीएस और गमछा के जरिए पुलिस उनके शव बरामद करने में सफल रही थी। उसमें तब की डीआईयू टीम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही थी।

बताया जा रहा है कि व्यवसायी के अपहरण के बाद तत्कालीन एसपी संजय कुमार सिंह की ओर से एएसपी हिमांशु के नेतृत्व में अलग-अलग टीम बनायी गयी थी। घटना के बाद से ही तत्कालीन डीआईयू इंचार्ज रहे शंभू कुमार भगत के नेतृत्व में टीम मोबाइल सर्विलांस के जरिए अपहरण करने वालों की टोह में जुटी थी। इस क्रम में टीम द्वारा एक अपहरणकर्ता के मोबाइल और अपहरण में इस्तेमाल कार की जीपीएस को ट्रेस कर रही थी। उसी दौरान उसमें आरा-बक्सर फोरलेन पर रानीसागर पुलिस के पास कुछ क्लू मिल रहा था।

उस आधार पर डीआईयू टीम ने शनिवार को पुलिया के पास खोजबीन शुरू की। तब वहां कुछ दुर्गंध मिला, उससे टीम का संदेह गहरा गया। टीम द्वारा गहराई से खोजबीन की गयी, तो पीले रंग का गमछा मिला था। जांच में वह गमछा व्यवसायी अपहरण के मुख्य आरोपित अमर कुमार का निकला। तब पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया और पुलिया के नीचे नाले में खोजबीन शुरू की गयी। उस क्रम में पत्थर से दबे बोरे से शव बरामद किया गया।

पहले गाड़ी से बाइक में मारी ठोकर फिर गिरने पर रॉड से किया गया हमला

आभूषण कारोबारी हरिजी गुप्ता की किराये के विवाद में अपहरण कर हत्या की गयी थी। अगवा करने से पहले व्यवसायी की बाइक में गाड़ी से ठोकर मारी गयी थी। उसके बाद रॉड से वार कर जख्मी कर दिया था। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार रितेश की ओर से उसका खुलासा किया गया था।

बताया जा रहा है कि व्यवसायी हरिजी गुप्ता का अमर कुमार से किराये का विवाद चल रहा था। बुधवार की शाम वह किराया वसूलने अपने मार्केट पहुंचे थे। उस दिन भी अमर का उनके साथ विवाद हो गया था। उसके बाद अमर कुमार द्वारा चार पहिया गाड़ी से उनकी बाइक में ठोकर मार दी। उससे वह गिर पड़े, जिसके बाद अमर द्वारा उनके सिर पर रॉड से मार कर जख्मी कर दिया गया। फिर उसने अपने चार दोस्तों को बुलाया और कार पर लाद व्यवसायी को बिहिया की ओर भाग गये।

फोरलेन होते व्यवसायी को ले गये थे गये रानीसागर की ओर, रास्ते में लिया था पेट्रोल

व्यवसायी के साथ मारपीट करने के बाद अमर कुमार द्वारा अपने चार दोस्तों को बुलाया गया था। उसमें दो ऑटो चालक और एक कंपाउंडर भी शामिल थे। उसके बाद सभी जख्मी व्यवसायी को कार पर लाद कर फोरलेन होते निकल गये थे। रास्ते में उनकी कार का पेट्रोल खत्म हो गया था। तब शहर से नजदीक से समीप गजराजगंज इलाके के एक पंप पर पेट्रोल लिया और बिहिया की ओर निकल गये। बताया गया था कि तब पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में सभी की तस्वीर कैद हो गयी थी।

बक्सर में मिली थी अपहरण में इस्तेमाल कार, दस रोज बाद अमर ने किया था सरेंडर

शहर के कारोबारी और वकील डॉ. हरी जी गुप्ता के अपहरण के बाद पुलिस द्वारा बरामदगी को लेकर चौतरफा ऑपरेशन चलाया गया था। भोजपुर से यूपी तक घेराबंदी की गयी थी। उस बीच बक्सर के स्टेशन रोड से उनके अपहरण में इस्तेमाल कार जब्त कर ली गयी थी। मुख्य अभियुक्त अमर के करीबी रितेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। उसके बाद अमर कुमार के घर की विधिवत कुर्की भी की गयी थी। उसके बाद 12 नवंबर को अमर कुमार द्वारा कोर्ट में सरेंडर कर दिया गया था।

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