Love affair: भाई दिनेश सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि आज समाज में कुछ असामाजिक तत्व बेटियों को झांसा देकर, लोभ-लालच दिखाकर अथवा भावनात्मक जाल में फंसाकर उन्हें पथभ्रष्ट कर रहे हैं।
- हाइलाइट: Love affair
- पूर्व विधायक भाई दिनेश सिंह ने व्यक्त की गहरी चिंता
- कहा: युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक पतन से बचाना जरूरी
आरा। जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश सिंह ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में बढ़ती प्रेम-प्रसंग से जुड़ी घटनाओं, बढ़ते धोखे, शोषण और सामाजिक विघटन की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि समाज में जिस प्रकार नैतिक मूल्यों की गिरावट आई है, उसे देखते हुए अब समय की यह मांग है कि विवाह जैसे पवित्र और मर्यादित बंधन को अधिक उत्तरदायी बनाया जाए और इसमें पारिवारिक सहमति को प्राथमिकता दी जाए।
भाई दिनेश सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि आज समाज में कुछ असामाजिक तत्व बेटियों को झांसा देकर, लोभ-लालच दिखाकर अथवा भावनात्मक जाल में फंसाकर उन्हें पथभ्रष्ट कर रहे हैं। इस प्रकार की घटनाओं से न केवल उन बेटियों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है, बल्कि उनके माता-पिता और पूरे परिवार को जीवन भर सामाजिक पीड़ा और तिरस्कार का दंश झेलना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी व्यक्ति का निजी मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर हमारी सामाजिक संरचना और जड़ों पर प्रहार है।
वर्तमान कानून और पारिवारिक भूमिका पर चर्चा करते हुए भाई दिनेश ने कहा कि यद्यपि कानून के अनुसार बालिग होने के बाद युवक-युवती अपने विवेक से विवाह का निर्णय ले सकते हैं, लेकिन विवाह जैसा महत्वपूर्ण निर्णय केवल व्यक्तिगत नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि बालिग होने के बावजूद विवाह जैसे स्थायी निर्णय में माता-पिता की रजामंदी को कानूनी महत्व दिया जाना आवश्यक है। परिवार की सहमति से लिए गए निर्णय न केवल अधिक स्थायी और सुरक्षित होते हैं, बल्कि वे सामाजिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
उन्होंने सरकार से पुरजोर मांग की है कि धोखे से संबंध बनाकर शोषण करने, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और भावनात्मक छल करने वाले अपराधियों के विरुद्ध अत्यंत कड़ा कानून बनाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में ‘स्पीडी ट्रायल’ की व्यवस्था की जानी चाहिए और दोषी को एक माह के भीतर सजा मिलने का प्रावधान होना चाहिए। इससे समाज में एक कठोर संदेश जाएगा और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
समाज में बढ़ती फूहड़ता पर प्रहार करते हुए भाई दिनेश ने कहा कि आज आधुनिकता के नाम पर अश्लील सिनेमा, भड़काऊ गीत और अर्धनग्न प्रदर्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़े उद्योगपति केवल अपने मुनाफे के लिए इस प्रकार की सामग्री को प्रचारित कर रहे हैं, जिसका भारतीय संस्कृति, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस दिशा में ठोस नीति बनाएं ताकि युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक पतन से बचाया जा सके।
पूर्व विधायक भाई दिनेश ने समाज के सभी वर्गों, अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने युवाओं को सही मार्गदर्शन देने, नैतिक शिक्षा के लिए सामूहिक पहल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


