Thursday, February 19, 2026
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लापरवाही: किसानों के लिए जीवनदायिनी नहरें बनी बर्बादी का सबब

Canal water flow: जल संसाधन विभाग की लापरवाही: किसानों के लिए जीवनदायिनी नहरें बनी बर्बादी का सबब – भाई दिनेश

  • हाइलाइट: Canal water flow
    • लहठान और हेतमपुर राजवाहा में अप्रत्याशित जल प्रवाह
    • जल प्रवाह ने खेतों में खड़ी रबी की फसल को किया तबाह

आरा। भोजपुर एक कृषि प्रधान जिला है और यहाँ के किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। नहरें इस व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं, जिनका उद्देश्य खेतों तक पानी पहुँचाकर फसलों को सींचना है। परंतु, जब ये जीवनदायिनी नहरें ही किसानों की मेहनत पर पानी फेर दें, तो स्थिति चिंताजनक हो जाती है। हाल ही में, भोजपुर जिले के जगदीशपुर में जल संसाधन विभाग की घोर लापरवाही के कारण सैकड़ों एकड़ रबी की फसल बर्बादी की भेंट चढ़ गई है, जिससे अन्नदाताओं की कमर टूट गई है। इस मुद्दे पर राजद नेता और जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के लिए आगाह किया है।

यह घटना भोजपुर के लहठान और हेतमपुर राजवाहा से संबंधित है, जहाँ कथित तौर पर किसानों को पानी की आवश्यकता न होने के बावजूद बड़े पैमाने पर नहरों में पानी छोड़ दिया गया। इस अप्रत्याशित जल प्रवाह ने खेतों में खड़ी रबी की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया। किसानों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, विशेषकर एसडीओ, जेई और मेठ ने इस दौरान नहरों का भ्रमण नहीं किया। यदि वे सजग होते और टूटे हुए तटबंधों की मरम्मत समय रहते कर दी जाती, तो इस बड़ी क्षति को टाला जा सकता था।

Canal water flow: भाई दिनेश ने व्हाट्सएप से पदाधिकारियों को भेजा संदेश

किसानों की इस दुर्दशा की जानकारी मिलने पर भाई दिनेश ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव, अभियंता प्रमुख और चीफ इंजीनियर को व्हाट्सएप के माध्यम से संदेश भेजा। अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “नहर किसानों के फसल की सिंचाई के लिए हैं न कि फसल बर्बादी के लिए।” उन्होंने विभाग से कई तीखे सवाल पूछे: जब किसानों को पानी की जरूरत नहीं थी, तो नहरों में पानी क्यों छोड़ा गया? पानी छोड़ने के दौरान नहरों पर निगरानी क्यों नहीं की गई? टूटे तटबंधों को दुरुस्त क्यों नहीं किया गया?

भाई दिनेश ने बताया कि इस घटना से सौ बीघा से अधिक रबी की फसल बर्बाद हो गई है। उन्होंने विभाग से पूछा है कि क्या इस भारी नुकसान की भरपाई जल संसाधन विभाग करेगा? किसान पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पिछले अत्यधिक वर्षा के कारण हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई थी, अब रबी की फसल की क्षति ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है।

राजद नेता भाई दिनेश ने जल संसाधन विभाग के सचिव, अभियंता प्रमुख और सोन अंचल, डिहरी के चीफ इंजीनियर से आग्रह किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नहरों में पानी तभी छोड़ा जाना चाहिए, जब किसानों को वास्तव में इसकी आवश्यकता हो। यह सुनिश्चित करना विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है कि नहरों का उपयोग केवल किसानों के हित में हो, न कि उनकी बर्बादी का कारण बने।

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