Utardaha: भोजपुर जिले के तियर थाना क्षेत्र अंतर्गत उतरदाहां गांव में एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई की।
- हाइलाइट: Utardaha
- अवैध हथियारों पर करारा प्रहार
- भोजपुर पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि
आरा: कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में भोजपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अवैध हथियारों के निर्माण और व्यापार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। इस कार्रवाई में पुलिस न केवल अवैध हथियारों के जखीरे को जब्त करने में सफल रही, बल्कि इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
भोजपुर जिले के तियर थाना क्षेत्र अंतर्गत उतरदाहां गांव में एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि धनजी शर्मा नामक व्यक्ति के घर में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। इस गंभीर सूचना को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने पूरी सतर्कता और कुशलता के साथ छापेमारी को अंजाम दिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को घर के अंदर एक पूर्ण विकसित मिनी गन फैक्ट्री संचालित होती मिली, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। मौके से ही अवैध हथियारों के निर्माण में संलिप्त दो प्रमुख आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में धनजी शर्मा और उसकी मां प्रभावती देवी शामिल हैं। एसपी ने मंगलवार को इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी में भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित अवैध हथियार एवं उपकरण बरामद किए गए। बरामदगी में दो देसी कट्टा, छह अर्धनिर्मित कट्टा, दो खोखा, एक पिलेट, एक कारतूस, एक विद्युत ड्रिल मशीन (मोटर), एक साइकिल और हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाले भारी मात्रा में पुर्जे व अन्य उपकरण शामिल हैं। इस मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
Utardaha: बेटे ने माँ के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को जारी रखा
एसपी के अनुसार गिरफ्तार आरोपित की पहचान धनजी शर्मा, पिता स्व. मुनीलाल शर्मा, ग्राम उतरदाहां, थाना तियर, जिला भोजपुर के रूप में की गई है। उसके पिता मुनीलाल शर्मा भी पहले अवैध हथियार निर्माण के धंधे में लिप्त थे। करीब चार-पांच साल पहले उनके पिता की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद धनजी शर्मा ने अपनी मां प्रभावती देवी के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को जारी रखा। थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मां-बेटे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में सक्रिय थे।
अवैध हथियार खरीदने वाले खरीदारों की तलाश में जुटी पुलिस
जांच के दौरान, पुलिस को धनजी शर्मा से पूछताछ में अवैध हथियार खरीदने वाले पांच-छह व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब इन खरीदारों की तलाश में तेजी से जुट गई है। दोनों गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन निर्मित हथियारों की आपूर्ति किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी, और इस अवैध नेटवर्क से कौन-कौन से अन्य लोग जुड़े हुए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

