Music and Art Point: संगीत कला गुरु डॉ. वेद प्रकाश सागर ने सभी शिष्यों को गुरु शिष्य परंपरा पर अपनी बात कही और समझाया के जीवन में गुरु का होना जरूरी है…. गुरूर का नहीं।
- हाइलाइट: Music and Art Point
- गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन
आरा। शहर के सर्किट हाउस पकड़ी रोड में बुधवार को म्यूजिक एंड आर्ट प्वाइंट संगीत एवं कला विद्यालय के प्रांगण में “गुरु पूर्णिमा” परंपरागत तरीके से मनाया गया। सर्वप्रथम गुरु वंदना “सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में”…. पंकज कुमार पाठक ने गाकर सबको भाव विभोर कर दिया। तबले पर राकेश सिंह एवं नाल पर अजय श्रीवास्तव ने बखूबी साथ निभाया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा दर्जनों प्रस्तुतियां दी गई, जिसमें समूह गान में राधिका, अनिका, सिमरन, शेफाली, प्रियदर्शी, रौशनी, सुनीता, सोनाली, जया, अरण्या, आर्या, अमीरलायण, नंदनी, वीणा, अंशु के द्वारा भव्य गुरु भजन की प्रस्तुति दी गई। एक अन्य समूह भजन जिसमें मुख्य रूप से भास्कर, अनिकेत,आधवन, तहांनदेव, आरव, आशुतोष , विक्की, पंकज, रत्नाकर, विकाश बिहारी, अमितेश, मोहित, धनंजय के द्वारा बेहतरीन प्रस्तुति दी गई।
वही राधिका श्रीवास्तव द्वारा राग भूपाली पर आधारित बंदिश नमन करो तुम सदगुरु चरणा तीन ताल में गाकर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर संगीत कला गुरु डॉ. वेद प्रकाश सागर ने सभी शिष्यों को गुरु शिष्य परंपरा पर अपनी बात कही और समझाया के जीवन में गुरु का होना जरूरी है…. गुरूर का नहीं।
कला स्वतंत्र होकर रहता है और रियाज़ बहुत जरूरी होता है। आज लगभग दर्जनों नए शिष्य गुरुमुखी बने, जिन्हें संगीत गुरु ने पवित्र मंत्रों उच्चारण के बाद आशीर्वाद देकर जीवन में सफल होने की कामना की गई। इस अवसर पर अजय श्रीवास्तव, राकेश सिंह, मन्नू राज, आलोक राज, आर.जे. विकास, अंजली कुमारी, वैष्णवी, विजय कृष्ण एवं इंस्पेक्टर विजय प्रसाद राय ने शुभकामनाएं दी।

