Shiv Kumar Sahay: आरा के मौलाबाग निवासी और जैन स्कूल के चर्चित विज्ञान और गणित के शिक्षक शिव कुमार सहाय का 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।
- हाइलाइट्स:
- जन-सेवा को सर्वोपरि रखा
- बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी
आरा। शहर के मौलाबाग निवासी और जैन स्कूल के सुप्रसिद्ध विज्ञान शिक्षक शिव कुमार सहाय का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि उन हजारों शिष्यों और शुभचिंतकों को स्तब्ध कर दिया है, जिन्होंने उनके सानिध्य में शिक्षा ग्रहण की। उनके छोटे पुत्र सोनू ने बताया कि शुक्रवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मौलाबाग स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने से उनका निधन हुआ।
Shiv Kumar Sahay: एक आदर्श शिक्षक की पहचान
शिव कुमार सहाय केवल एक शिक्षक नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान के एक ऐसे स्रोत थे जिन्होंने अपने सरल और सौम्य व्यवहार से न जाने कितने छात्रों का भविष्य संवारा। विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों को अत्यंत सहजता से समझाने की उनकी कला उन्हें अन्य शिक्षकों से अलग बनाती थी। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेवानिवृत्ति के कई वर्षों बाद भी उनके पास पढ़ने वाले विद्यार्थियों का तांता लगा रहता था। उन्होंने हमेशा आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देकर समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया।
सामाजिक सरोकार और जन सेवा
शिक्षण के साथ-साथ उनका मन सदैव जन सेवा में रमा रहा। समाज के दबे-कुचले और जरूरतमंद वर्गों की मदद करना उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा था। सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता के चलते ही उन्होंने आरा विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। हालांकि राजनीति में सफलता उनके लक्ष्य का एकमात्र पैमाना नहीं थी; चुनाव परिणाम जो भी रहे हों, उन्होंने आजीवन सामाजिक कार्यों से खुद को जोड़कर रखा और लोगों के दुख-सुख में सदैव साथ खड़े रहे।
विरासत में छोड़ गए संस्कार
शिव कुमार सहाय अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र सुनील सहाय एक जाने-माने स्कॉलर और प्राध्यापक हैं। दूसरे पुत्र सत्यकाम आनंद बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता और रंगकर्मी हैं, जिन्होंने अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं, छोटे पुत्र सोनू बीपीएससी और यूपीएससी के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन दे रहे हैं। शनिवार सुबह परिजनों के आरा पहुँचने के बाद उनकी अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षा और समाज को अपूरणीय क्षति
उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर भर में शोक की लहर दौड़ गई है। जैन स्कूल के पूर्व छात्र और शहर के गणमान्य लोग उनके आवास पर पहुँचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

