Paddy Crop: भाई दिनेश ने विद्युत भवन, पटना में अधिकारियों से की मुलाकात; कहा तत्काल ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का मिला निर्देश
हाइलाइट: Paddy Crop
भाई दिनेश ने CMD के समक्ष उठाया किसानों का मुद्दा
आरा/जगदीशपुर। भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड के बिम्वा, खैरहा, दावा सहित दर्जनों गांवों के किसान इन दिनों गंभीर सिंचाई संकट से जूझ रहे हैं। कृषि कार्य के लिए लगाए गए विद्युत ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़े हैं। इसके कारण खेतों में खड़ी धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
बिजली आपूर्ति बाधित रहने से किसानों के लिए निजी बोरिंग के माध्यम से सिंचाई करना भी संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों की महीनों की मेहनत और लागत बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों से कई बार आग्रह किया, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।
Paddy Crop : फसलों की तस्वीरें और वीडियो
समस्या का समाधान नहीं होने पर किसानों ने जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश से संपर्क किया। किसानों ने उन्हें अपनी सूखती फसलों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर स्थिति से अवगत कराया। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाई दिनेश विद्युत भवन, पटना पहुंचे और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) तथा प्रबंध निदेशक (एमडी) से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने खराब ट्रांसफार्मरों के कारण प्रभावित हो रही फसलों से संबंधित तस्वीरें और वीडियो अधिकारियों को दिखाए तथा किसानों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। भाई दिनेश ने अधिकारियों से तत्काल खराब ट्रांसफार्मर बदलने और प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
भाई दिनेश ने बताया की मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमडी ने संबंधित एमडी को तत्काल प्रभाव से खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने तथा बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसान कड़ी मेहनत और धूप में काम करके अन्न उपजाते हैं। ऐसे में बिजली जैसी आवश्यक सुविधा के अभाव में उनकी फसल का सूखना अत्यंत चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
भाई दिनेश ने जगदीशपुर क्षेत्र के किसानों को आश्वस्त किया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो जाती, तब तक वे अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद करते रहेंगे। उनका उद्देश्य है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिले और फसलें सिंचाई के अभाव में बर्बाद न हों।

