HomeNewsबिहारदिल्ली में 27 अक्टूबर को होगा शाहाबाद महोत्सव

दिल्ली में 27 अक्टूबर को होगा शाहाबाद महोत्सव

कला-संस्कृति और विरासत की दिखेगी अनूठी झलक

Shahabad Festival Delhi: मावलंकर भवन में आयोजित समारोह में पारंपरिक लोकनृत्य, लोकगीत, क्षेत्रीय व्यंजन और ऐतिहासिक स्थलों की प्रदर्शनी बनेगी आकर्षण का केंद्र

  • हाइलाइट: Shahabad Festival Delhi
  • समारोह में कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना

आरा। शाहाबाद प्रक्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष शाहाबाद महोत्सव का आयोजन देश की राजधानी नई दिल्ली में किया जाएगा। महोत्सव का आयोजन आगामी 27 अक्टूबर 2026 को संसद भवन के समीप स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर भवन में होगा। समारोह में राजनीति, प्रशासन, साहित्य, कला-संस्कृति, चिकित्सा और शिक्षा जगत की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

Shahabad Festival Delhi : आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों की बैठक

महोत्सव के आयोजन को लेकर मंगलवार को ब्लॉक रोड स्थित जदयू के वरिष्ठ नेता एवं जिला बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष संजय सिंह के आवास पर आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों की बैठक हुई। बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि शाहाबाद की गौरवशाली विरासत, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए समिति वर्ष 2019 से व्यापक अभियान चला रही है। इस अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।

उन्होंने कहा कि अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। आधुनिकता और बदलते सामाजिक परिवेश के बीच शाहाबाद की अनेक पारंपरिक कलाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं। इन कलाओं और परंपराओं का संरक्षण वर्तमान पीढ़ी की नैतिक जिम्मेदारी है।

क्षेत्रीय खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी

अखिलेश कुमार ने बताया कि दिल्ली में पहली बार शाहाबाद प्रक्षेत्र के प्रमुख लोकनृत्यों और लोकसंगीत की विशेष प्रस्तुति की जाएगी। इनमें गोड़ नाच, कुड़ुक नृत्य, शिवनारायणी गीत तथा धोबिया-धोबिनिया नाच प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त शाहाबाद की विशिष्ट पहचान रखने वाले क्षेत्रीय खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी में चेनारी के गुड़ के लड्डू, बक्सर की पापड़ी, कोआथ का बेलग्रामी और बेतरी का चावल विशेष आकर्षण होंगे।

समारोह में देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले महापुरुषों के साथ-साथ शाहाबाद के ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़े स्थलों की तैलचित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को शाहाबाद की पारंपरिक कला, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक परंपराओं और प्राकृतिक संपदा से परिचित कराना है।

अखिलेश कुमार ने कहा कि समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे गणमान्य लोग शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि महोत्सव के माध्यम से शाहाबाद की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने और क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर संजय सिंह ने कहा कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को संजोकर रखना सभी का नैतिक दायित्व है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखकर वर्ष 2019 में शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के बैनर तले अभियान शुरू किया गया था, जो अब एक व्यापक जन-अभियान का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि कैमूर की पहाड़ियों और घाटियों से लेकर मैदानी क्षेत्र के बक्सर, जगदीशपुर और आरा तक पर्यटन विकास की दिशा में दिखाई दे रहे सकारात्मक परिणामों में शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के निरंतर प्रयासों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहली बार शाहाबाद की कला, संस्कृति, धरोहर और पर्यटन की अपार संभावनाओं की झलक देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह शाहाबादवासियों के लिए गौरव का क्षण होगा और इससे क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विस्तार मिलेगा। बैठक में स्यंदन सुमन, आरुणिश पांडेय, सोहित सिन्हा, डॉ. रवि, संजीव सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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