BJP and Congress: पटना में बुधवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
- हाईलाइट: BJP and Congress
- पटना में राजनीतिक तनाव:
- कांग्रेस कार्यालय के बाहर हिंसक झड़प
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार दोपहर उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पटना के सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बाहर दोनों दलों के समर्थकों के बीच जमकर बवाल हुआ, जिसमें लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है।
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा दिल्ली में किए गए प्रदर्शन के विरोध में भाजपा ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया था। इसी क्रम में पटना में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में एक विरोध मार्च निकाला गया, जो कुर्जी हॉस्पिटल से कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम की ओर बढ़ा।
BJP and Congress : दोनों ही दल एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
भाजपा नेताओं का आरोप है कि जब उनका मार्च सदाकत आश्रम पहुंचा, तो कांग्रेस के लोग वहां पहले से ही बड़ी संख्या में लाठी-डंडों के साथ मौजूद थे और उन्होंने उन पर हमला कर दिया। भाजपा का दावा है कि इस घटना में उनके 30 से अधिक कार्यकर्ता और नेता घायल हुए हैं। घायल नेताओं में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जितेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह और बलराम मंडल सहित कई अन्य शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायलों को पीएमसीएच रेफर किए जाने की भी तैयारी है।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से कांग्रेस कार्यालय पर हमला किया और पहले पथराव शुरू किया। दोनों ही दल एक-दूसरे पर उकसावे और हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा ने इस पूरे मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बुधवार दोपहर करीब सवा दो बजे सदाकत आश्रम के बाहर का इलाका किसी रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था। घंटों तक चली इस अफरा-तफरी और पत्थरबाजी के दौरान स्थानीय पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। हिंसक झड़प को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई ताकि माहौल को और अधिक बिगड़ने से रोका जा सके। जुबानी जंग से शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते शारीरिक हिंसा में बदल गया, जिससे राजधानी की राजनीतिक फिजा में तनाव व्याप्त हो गया है।

